नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश बोर्ड की परीक्षा छोड़ने वाले छात्रों की मुश्किलें बढ़ सकती है. राज्य के उप-मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा है कि बोर्ड परीक्षा छोड़ने वाले 11 लाख 25 हजार छात्रों की जांच होगी. सरकार ने जिन स्कूलों के 50 प्रतिशत से अधिक छात्रों ने परीक्षा छोड़ी उसकी भी जांच कराए जाने का फैसला किया है.

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 6 फरवरी शुरू हुई थीं. इन परीक्षाओं में 66,37,018 परीक्षार्थी रजिस्टर्ड हैं. परीक्षा शुरू होने से पहले ही करीब पचास हजार परीक्षार्थियों को बोर्ड की स्क्रूटनी में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर बाहर कर दिया गया था

सरकार का दावा है कि इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में सख्ती की वजह से 11 लाख 25 लाख से ज्यादा छात्रों ने परीक्षा छोड़ी है. सरकार का मानना है कि नकल रोके जाने की वजह से छात्र डर गये हैं और उन्होंन परीक्षा छोड़ दी. हालांकि कई परीक्षा केंद्रों पर भारी नकल की खबरें आई है.

बोर्ड के मुताबिक, परीक्षा के दौरान नकल करने के आरोप में 1186 पकड़े गए जबकि, सामूहिक नकल के मामलों में 136 एफआईआर दर्ज हुई है..