नगर प्रतिनिधि,संतनगर
उपनगर में बुधवार की सुबह आम दिनों की तरह जब सब भगवान को याद कर अपने अपने काम पर जाने की तैयारी कर रहे थे तभी एक ऐसी खबर आई जिसे सुनकर सब हैरान हो गए। परिवार के सदस्यों के अलावा रिश्तेदारों व दोस्तों को इसकी खबर लगी तो उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ होनी को कुछ ओर ही मंजूर था। परिवार की खुशियां गम में बदल चुकी थी। किसी ने सोचा था कि बेटी को स्कूल से लाते समय पत्नि व बेटी के सामने ही पिता उन्हें छोडक़र हमेशा के लिए चला जाएगा।
पत्नि के साथ आ रहे पति की सडक़ हादसे में मृत्यु हो गई। प्राप्त जानकारी अनुसार बुधवार सुबह १० से ११ बजे के बीच बैरागढ़ स्थित टी वार्ड में रहने वाले तेजूमल कंजवानी के पुत्र नरेश कंजवानी आयु ३५ वर्ष अपनी पत्नि दीया के साथ गंाधीनगर स्थित होली फैमिली स्कूल गए थे बेटी का स्वास्थ्य खराब होने के चलते स्कूल प्रबंधक ने इसकी सूचना दे दी थी सूचना मिलते ही दोनो बेटी को लेने गए। इसी दौरान जब वो वापस एक्टिवा वाहन से अपनी बड़ी बेटी भूमिका कजवानी जो की सावती कक्षा में पढ़ती है व पत्नि को लेकर एयरपोर्ट रोड से वापस आ रहे थे। तभी उनका वाहन मार्ग पर अचानक अनियंत्रित हो गया और डिवाईडर से टकराकर पेड़ में जा घुसा वाहन गिरते ही नरेश घटना स्थल पर बेहोश हो गया और पत्नि व बेटी भी दूसरी तरफ गिर गए जिन्हें मामूली चोट आई है पत्नि ने यहंा मदद की गुहार लगाई तो राहगिरों की मदद से विजय नगर स्थित एक निजी चिकित्सालय में उपचार के लिए लेकर पहुंचे तो डाक्टरों ने नरेश को मृत घोषित कर दिया। यह सुनकर पत्नि की हालत भी बिगड़ गई और बेटी का भी रो रो कर बुरा हाल हो गया। हादसे की जानकारी परिजनों को लगते ही सब अस्पताल पहुंच गए। नरेश कंजवानी का व्यवहार अत्यंत ही सरल था वो मिनी मार्केट में कपड़े के शोरूप पर कार्य करता था परिवार का इकलोता बेटा था नरेश की दो बेटियां है जिसमें भूमिका ११ वर्ष व कोमल ७ वर्ष है सडक़ हादसे ने परिवार का सहारा ही छीन लिया है नरेश के परिवार में पत्नि, दो बेटियां व माता पिता है पिता भी प्राइवेट व्यवसाय करते है।
परिवार पर गिरा दुखों का पहाड़
कजवानी परिवार में नरेश अपने माता पिता का इकलोता बेटा था और परिवार को वो ही एक सहारा था नरेश के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ आ गिरा है निधन की खबर सुनते ही पत्नि, माता पिता के आंसू रूकने का नाम नहीं ले रहें है अन्य रिश्तेदार व दोस्तों को भी नरेश के निधन का सदमा लगा है भगवान के आगे किसी की नहीं चलती है यह बात यहंा यह सच्च साबित होती दिखाई दे रही है आखिर भगवान को क्या मंजूर है जिस मल्टी में कंजवानी परिवार रहता है वहंा पर रहने वाले सब लोग शोक में डूबे हुए है।
मम्मी पापा दोनों को बुलाओ
आम दिनों की तरह बुधवार को स्कूल गई भूमिका की स्कूल में तबियत बिगड़ गई तो भूमिका ने इसकी जानकारी स्कूल टीचर्स को दी स्कूल संचालक ने यहंा पर पापा को फोन लगाने की बात कही तो बेटी ने कहा कि पापा मम्मी दोनों को बुलवाओं वो दोनों आयें। माता पिता दोनों ही स्कूल पहुंचे और बेटी को लेकर स्कूल से निकले ही थे तो डॉक्टर के पास ले जाने के लिए पर उससे पहले ही यह हादसा हो गया।
पत्नि व बेटी के सामने हुआ दर्दनाक हादसा
यह बात कोई सपने में भी नहीं सोच सकता कि पत्नि व बेटी के सामने पति व पिता छोडक़र चला जाएगा। पर बुधवार सुबह को ऐसा ही कुछ होना था जब पत्नि के सामने उसके पति व बेटी के सामने ही पिता उन्हें छोडक़र हमेशा के लिए चले जाएंगे। अनियंत्रित हुए वाहन के बाद जब नरेश बेहोश हो गए थे पत्नि ने हिम्मत नहीं हारी और लोगों के सहारे उन्हें अस्पताल ले गई पर नरेश को नहीं बचा सकी।
पत्नि ने बताई घटना की आपबीती
घटना के बाद नरेश की पत्नि दीया ने बताया कि हम बेटी को लेकर वापस आ रहे थे और आपस में बात भी कर रहे थे। जब एयरपोर्ट मार्ग पर पहुंचे तो उन्होनें कहा कि आज पता नहीं क्यों नींद आ रही है बेटी को दिखाने के बाद में थोड़ी देर आराम करूंगा फिर दुकान पर जाउंगा पर अचानक वाहन अनियंत्रित हो गया और डिवाईडर से टकराने के बाद पेड़ से जा टकराया और वो बेहोश हो गए। राहगिरों की मदद से आटो में अस्पताल ले गए जहंा पर डाक्टरों ने नरेश को मृत घोषित किया और हमीदिया ले जाने के लिए कहा इसके बाद मैनें अपने भाईयों व रिश्तेदारों को फोन लगाया पत्नि के आंसू इस दोरान नहीं रूक रहे थे।