नगर प्रतिनिधि,संतनगर : सिंधु सेना द्वारा सिंधी गीता को कोकिला कहीं जाने वाली भगवंती नाथाणी की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर रोशनपुरा स्थित रेडियों के समक्ष दीपक जलाकर एवं मौन रखकर उन्हें श्रद्धाजंलि दी गई। इस अवसर पर सिंधु सेना के अध्यक्ष राकेश कुकरेजा ने बताया कि भगवंती नावाणी का जन्म 1940 में हुआ था तथा उनका निधन 22 अक्टूबर 1986 को हुआ। उनका चार दशकों तक अपनी सुरीली आवाज का जादू लोगों का सिर चढ़कर बोलता रहा। सिंधी के अलावा हिंदी, बंगाली तथा पंजाबी गीतों की स्वर मलिका थी। उनके गीत, कलाम, लोरियां, सुखमनी आज भी घरों में बडग़े चाव से सुने जाते है वह एक कलाकार भी थी उन्होनें फिल्मों में भी काम किया आज भी उनके गीत आकाशवाणी, दूरदर्शन में पेश किए जाते है इस अवसर पर अनिल थारवानी, सुमित आहुजा, कमल राजानी, धमेन्द्र आनंदानी, नामदेव कलवानी, राजेश मनवानी, दर्शन कुकरेजा, रवि जायसवानी, संजय माधवानी, मानस जेठानी, नरेश गोलानी, विशाल मनवानी, भीष्म आहुजा, विवेक पंजवानी सहित बड़ी संख्या में युवा साथी उपस्थित थे।