युग प्रदेश,संतनगर
परम श्रद्धेय सिद्धभाऊ की गरिमामयी पावन उपस्थिति में उच्च शिक्षा विभागके अन्तर्राज्यीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के अन्तर्गत नागालैण्ड के युवाओं के लिए विदाई समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उच्च शिक्षा विभाग, राष्ट्रीय सेवा योजना एवं संत हिरदाराम कन्या महाविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया। इस अवसर पर शहीद हेमू कालानी शैक्षणिक संस्थान के अध्यक्ष सिद्ध भाऊ, डॉ. जयश्री मिश्रा, डॉ. प्रमोद के. वर्मा, डॉ. उदय नारायण शुक्ला, डॉ. काशीनाथ सिंह, डॉ. डैविड टैक्सो, धीरेन्द्र शुक्ला,, डॉ. विजय वर्मा, डॉ. अनंत सक्सेना, राहुल सिंह परिहार, ऐ.सी. साधवानी, हीरो ज्ञानचंदानी, विष्णु गेहानी, डॉ. चरनजीत कौर, डॉ. राकेश आनंद, डॉ. हिमांशु शर्मा एवं समस्त प्राध्यापिकाएं एवं छात्राएं उपस्थित थीं। डॉ. जयश्री मिश्रा ने युवा छात्र/छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत सरकार की एक श्रेष्ठ योजना है जिसमें की भारत के विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच विविधता में एकता, राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा, सांस्कृतिक सुदृढ़ता, आपसी संबंधों को स्थापित करने के साथ युवाओं में सीखने के वातावरण को प्रोत्साहन देना है। डॉ. प्रमोद के. वर्मा ने कहा कि यह आदान-प्रदान कार्यक्रम का विचार बहुत ही नवाचार लिये है। एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को सार्थक करें। भारत एक महान देष है। प्रत्येक भारतीय नवप्रवर्तक है। हमें संस्कृति एवं संस्कार विरासत में मिले हैं। भारत के राज्यों में रहने वाले लोगों में भले ही विविधताएं हों परन्तु हमारा हृदय एक है -हम भारतीय हैं। श्रद्धेय सिद्धभाऊ ने युवा छात्र-छात्राओं से कहा कि इस गरिमामय कार्यक्रम में आप सभी का हार्दिक अभिवादन है। यह नया भारत है जहाँ पूर्वोत्तर भारत के विकास के लिए देष के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अथक प्रयास कर रहें हैं। प्रधानमंत्री एक राष्ट्र ऋषि हैं। हम सब भारतवासी एक हैं। आज का भारत सशक्त भारत है। हमारे संस्कार व संस्कृति हममें कूट-कूटकर भरे हैं। हम ऋषि मुनियों की संतान हैं। स्वामी विवेकानंद युवाओं के आदर्श हैं। युवा वह है जो वायु वेग से सोचे, वायु वेग से कार्य करे। डार्विन के सिद्धांत एवं वसुधेव कुटुम्बकम की अवधारणा पर विषेष जोर देते हुए उन्होंने अपनी बात कही। आज का राष्ट्र युवाओं का राष्ट्र है। हमें अपने युवाओं पर विष्वास है कि वे धर्म, जाति एवं भाषा के आधार पर भेद न कर अखण्ड भारत की परिकल्पना को सार्थक करेंगे। नागालैण्ड के युवाओं से हमने यह सीखा है कि विषम परिस्थितियों से हार न मानें और सदैव प्रसन्न रहें। नागालैण्ड से आये युवाओं ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि यह उनके जीवन का स्वर्णिम अनुभव है। मध्य प्रदेश सदैव उनके हृदय में मधुर स्मृतियों के रूप में जीवनपर्यन्त रहेगा। नागालैण्ड बहुत सुंदर जगह है आप जरूर वहाँ आयें। दोनों राज्यों के लोगों में एक बड़ी समानता है कि दोनों राज्यों के लोग हर्षित और विषाल हृदय हैं।