करवा चौथ सुहागिनों का निर्जला व्रत शनिवार को

भोपाल : भोपाल मां चामुण्डा दरबार के पुजारी गुरु पं. रामजीवन दुबे एवं ज्योतिषाचार्य विनोद रावत ने बताया कि कार्तिक मासे कृष्ण पक्ष श्री गणेश-करवा चौथ शनिवार को महिलाओं द्वारा निर्जला व्रत रखकर चन्द्र दर्शन के साथ अघ्र्य देकर पति की लम्बी आयु की कामना के साथ व्रत का समापन होगा। सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु के लिए करवा चौथ का व्रत और इसकी रस्मों को पूरी निष्ठा से करती हैं। करवा चौथ का व्रत से परिवार में सुख-शांति, समृद्धि, मान-सम्मान, लक्ष्मी की वृद्धि, दीर्घायु आदि की प्राप्ति होती है। सुहागिन महिलाएँ भगवान शिव, माता पार्वती और कार्तिकेय के साथ-साथ भगवान गणेश की पूजा करके कथा सुनती है और आरती के पश्चात अपने व्रत को चन्द्रमा के दर्शन और उनको अघ्र्य अर्पण करने के बाद ही तोड़ती हैं। करवा चौथ का व्रत कठोर होता है और इसे अन्न और जल ग्रहण किये बिना ही सूर्योदय से रात में चन्द्रमा के दर्शन तक किया जाता है। सुहागिन महिलाएं करवा चौथ के एक दिन पूर्व महिलाएं अपने हाथों पर मेंहदी लगवाती है। व्रत के दिन नए वस्त्र एवं आभूषण धारण करके सोलह श्रृंगार करके पूजा करती है। इस प्रकार व्रत को सोलह या बारह वर्षों तक करके उद्धापन कर सकती है। व्रतधारी महिलाएं करवा का आपस में आदानप्रदान करती है।