आकलन आदेश के जरिए 10,247 करोड़ रुपए की मांग बनाई थी

आयकर विभाग ने केयर्न एनर्जी पीएलसी की 440 करोड़ रुपए की और लाभांश आय को जब्त किया है। ब्रिटेन की कंपनी पर पिछले तारीख से कर कानून के जरिए 10,247 करोड़ रुपए का कर बकाया है। विभाग ने इसी राशि की वसूली के तहत यह कार्रवाई की है। इससे पहले आयकर विभाग ने केयर्न को उसकी वेदांता लि.में शेष बची 4.95 प्रतिशत हिस्सेदारी पर मिलने वाले 666 करोड़ रुपए के लाभांश को जब्त किया था।

नई दिल्ली,एजेंसी: सूत्रों ने बताा कि अरबपति उद्योगपति अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता ने पिछले महीने अपने शेयरधारकों के लिए 21.2 रुपए प्रति शेयर का लाभांश और तरजीही शेयरों पर 7.5 प्रतिशत के भुगतान की घोषणा की थी। केयर्न को इस पर 440 करोड़ रुपए मिलने थे। आयकर विभाग के आदेश की वजह से वेदांता ने यह पैसा एक अलग खाते में स्थानांतरित कर दिया। बाद में यह राशि विभाग ने ले ली। केयर्न ने पिछली तारीख से कर मांग पर मध्यस्थता प्रक्रिया शुरू की हुई है, जिसकी अंतिम सुनवाई शुरू होने वाली है। कंपनी की भारतीय इकाई केयर्न इंडिया के 2006 में आंतरिक पुनर्गठन के तहत पिछली तारीख से कर मांग की गई है। वेदांता ने 2011 में केयर्न का अधिग्रहण किया था लेकिन ब्रिटेन की कंपनी की इसमें 9.8 प्रतिशत हिस्सेदारी बनी रही थी। केयर्न इंडिया का पिछले साल वेदांता लि. में विलय हो गया। उसके बाद वेदांता में केयर्न की हिस्सेदारी घटकर 4.95 प्रतिशत रह गई। इस बारे में संपर्क करने पर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड(सी.बी.डी.टी.) के प्रवक्ता ने लाभांश आय को जब्त करने की पुष्टि की। उसने बताया कि विभाग ने 9 मार्च, 2015 के आकलन आदेश के जरिए 10,247 करोड़ रुपए की मांग बनाई थी।