विधायक शर्मा पर कार्रवाई की मांग को लेकर नीलम पार्क में दिया धरना

भोपाल। सिंधी समाज और सम्पूर्ण सिंधी संस्कृति का अपमान करने वाले विधायक रामेश्वर शर्मा पर यदि प्रदेश सरकार ठोस कार्रवाई नहीं करती है, तो भोपाल सहित पूरे प्रदेश का सिंधी समाज दिल्ली स्थित जंतर मंतर पर पहुंचकर शर्मा के विरूद्ध धरना देगा। यह बात सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष व मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व प्रमुख सचिव भगवानदेव ईसरानी ने नीलम पार्क पर आयोजित सिंधी समाज के विशाल धरने के दौरान कही। उन्होंने कहा कि यदि शर्मा पर जल्दी कार्रवाई नहीं होती है तो समाज के प्रमुख लोग दिल्ली पहुंचकर भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से विधायक पर ठोस कार्रवाई और पार्टी से निष्काशित करवाने की मांग करेंगे। इस दौरान ईसरानी ने साफ कर दिया कि विधायक शर्मा द्वारा यदि माफी भी मांगी जाती है, तो उन्हें माफ नहीं किया जाएगा। उन पर कानूनी कार्रवाई करवाकर ही सिंधी समाज दम लेगा। इस दौरान उन्होंने विधायक पर कार्रवाई को लेकर जगह जगह चक्काजाम करने और समाज द्वारा गिरफ्तारियां देने की भी बात कही। उन्होंने विधायक पर वर्ग संघर्ष और साम्प्रदायिकता फैलाने का आरोप भी लगाया। ईसरानी ने कहा कि सिंधी समाज हमेशा सेवा मार्ग पर चला है उसने जो पीड़ा झेली है आज तक किसी समाज ने नहीं झेली है अपना हक पाना है तो इसके लिए राजनीति में आना बेहद जरूरी है सिंधी समाज व्यापार के साथ अब राजनीति में भी आगे आये युवा ही समाज के कल के भविष्य हैं। धरने में बड़ी संख्या में विभिन्न पदाधिकारियों के अलावा युवागण शामिल हुए।

इन्होंने भी रखे अपने विचार

इंदौर से आए किशोर कोडवानी ने बताया कि पूरे देश में 5500 विधायक हैं, लेकिन पूरे देश में सिर्फ 6 या 7 सिंधी विधायक ही हैं। ऐसे में समाज की समस्याएं हल कैसे होंगी। उन्होंने जयपुर में सिंधी समाज की महिलाओं के साथ बदसलूकी की बात को प्रभावी रूप से उठाया। उन्होंने सिंधी समाज से वोट की शक्ति को पहचानने को कहा और बताया कि सिंधी समाज पूरे देश 100 लोकसभा सीटों को प्रभावित कर सकता है। विजय नगर पंचायत के अध्यक्ष आनन्द सबधाणी, अधिवक्ता नरेश गांगुली, मनोज राजानी, अनिल बूलचंदानी, दिनेश मेघानी, अशोक छाबडिय़ा, गुरमुखदास खानचंदानी, साबूमल रीझवानी,नरेश गिदवानी, विशाल दरियानी सहित कई लोगों ने संबोधित किया।

महिलाएं भी धरने में हुई शामिल

सिंधी समाज द्वारा दिए जा रहे धरने में विभिन्न शहरों से आये पदाधिकारियों के अलावा महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं ने भी विधायक द्वारा समाज के लिए जो अशोभनीय भाषा का उपयोग किया है उसका कड़ा विरोध किया। इस दौरान महिलाओं ने भी उपस्थिजनों को संबोधित किया।

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बंद रहे शहर के प्रमुख बाजार

इस दौरान संतनगर, दवा बाजार, घोड़ा नक्कास, जुमेराती, न्यू मार्केट सहित नए और पुराने भोपाल के कई व्यापारियों ने दोपहर 2 बजे तक अपने कार्यालय और दुकाने बंद रखीं और धरने में शामिल होने पहुंचे। दुकानें बंद होने से सन्नाटा छाया रहा जो दोपहर बाद दूर हुआ।