खिताबी मुकाबले में सिंधू ने साइना के सामने घुटने टेके

भारत की स्टार शटलर साइना नेहवाल ने अपने आक्रामक खेल के सामने पी वी सिंधू को घुटने टेकने को मजबूर कर दिया। सिंधू ने बार-बार मुकाबले में आने की कोशिश की, लेकिन साइना ने उनकी सभी कोशिशों को नाकाम करते हुए राष्ट्रमंडल खेल में महिला सिंगल्स का गोल्ड मैडल अपने नाम कर लिया। खिताबी मुकाबले में साइना ने शुरूआत से बढ़त बना ली और हमवतन खिलाड़ी पीवी सिंधू पर 21-18, 23-21 से जीत दर्ज की। इस जीत से साथ ही साइना का इस कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार अभियान का भी अंत हो गया। उन्होंने भारत को इससे पहले टीम चैंपियनशिप का गोल्ड मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभायी थी। सिंधू की चोट के कारण उन्हें टीम स्पर्धा में प्रत्येक एकल मैच खेलना पड़ा था। मैच में दोनों खिलाडिय़ों ने अच्छी शुरूआत की लेकिन धीरे-धीरे साइना मुकाबले में छाती चली गईं। उन्होंने हालांकि कोर्ट पर आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया, लेकिन सिंधू के कुछ करारे स्मैश का उनके पास कोई जवाब नहीं था। सिंधू पूरे मुकाबले में साइना के सधे हुए शाटों से जूझती दिखाई दीं। लंदन ओलंपिक की ब्रॉंज़ मेडल विजेता ने पहले गेम में 9-4 की बढ़त बना ली। इसके बाद भी उन्होंने अंतर बनाए रखा और नेट के साथ साथ बेसलाइन पर भी अपनी पकड़ बना ली। दोनों खिलाडिय़ों की अलग अलग शैली के कारण मैच रोमांचक बन गया था। सिंधू अपने शॉट पर ताकत तो लगा रही थी लेकिन उन पर उसका नियंत्रण नहीं था. उन्होंने शटल बाहर मारकर कम से कम चार अंक गंवाए और वह ब्रेक तक 6-11 से पीछे चल रही थी। ब्रेक के बाद सिंधू ने अच्छी वापसी की लेकिन उनका स्ट्रोक ह्रश्वले साइना की तरह सधा हुआ नहीं था। साइना ने इसके अलावा प्रभावी तरीके से कोर्ट को भी संभाला। साइना जब 20-14 से आगे थी तब सिंधू ने अपना नैसर्गिक खेल दिखाया और वह 18- 20 से अंतर कम करने में सफल रही। साइना ने हालांकि 23 मिनट में पहला गेम अपने नाम किया। दूसरे गेम में सिंधू ने अपने स्मैश में सुधार किया और कोर्ट पर कवरेज भी उनकी बेहतर थी जिससे वह 9-7 से आगे हो गई जिसे ब्रेक तक उन्होंने 13-8 कर दिया। खचाखच भरे स्टेडियम में दो भारतीय खिलाडिय़ों के बीच हुए रोमांचक मुकाबले में सिंधू एक समय 19-16 से आगे थीं। लेकिन 64 स्ट्रोक की रैली से 18-19 हो गया। साइना ने इसके बाद स्कोर 19-19 से बराबर किया, लेकिन सिंधू फिर से 20-19 से बढ़त बनाने में सफल रहीं। उनके पास पहली बार गेम ह्रश्ववाइंट था। उन्होंने हालांकि शाट बाहर मार दिया जिससे साइना का स्कोर बराबर हो गया। इसके बाद जब सिंधू का रिटर्न बाहर गया तो साइना के पास चैंपियनशिप ह्रश्ववाइंट था लेकिन कोई भी खिलाड़ी हार मानने को तैयार नहीं थी और स्कोर फिर से 21-21 से बराबर हो गया, लेकिन साइना के क्रास कोर्ट स्मैश का सिंधू के पास जवाब नहीं था। इसके बाद गोल्ड मेडल के लिए सर्विस करते हुए साइना ने सिंधू को शाट बाहर मारने के लिए मजबूर किया और फिर जीत का जश्न मनाने लगी।