संतनगर। नवनिध गल्र्स स्कूल के सभागार में कक्षा चौथी से कक्षा आठवीं तक के लिए इको-फ्रेंडली होली पर आधारित सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र मुख्य उददेश्य होली के महत्व को समझाते हुए प्रकृति के संसर्ग में प्राकृतिक रूप में होली मनाने के लिए छात्राओं को प्रेरित करना था। छात्राओं को संबोधित करते हुए श्रीमती अमृता मोटवानी ने कहा कि यह समय परीक्षा की तैयारी का है और हर पल अनमोल है जिसका उपयोग पढ़ाई करने में किया जाना चाहिए। इसी के साथ उन्होंने बताया कि रासायनिक रंगों एवं रासायनिक गुलाल से बच कर रहना चाहिए। रंग त्वचा के लिए हानिकारक होते है। यदि होली खेलने की इच्छा ही हो तो हर्बल गुलाल से टीका करें। शिक्षिका अर्चना गुप्ता ने भक्त प्रहलाद और हरिण्यकशिपु की कहानी सुना कर ईश्वर की कृपा को समझाया। इसी के साथ उन्होंने ईश्वर के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए आरती के महत्व को समझाया।
उन्होंने प्राचीन काल में होली के प्राकृति रंगों के बारे में बताया और इसी के साथ वर्तमान में बाजार में मिलने वाले खतरनाक रसायन युक्त रंगों की जानकारी दी।
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