दुकानदार कर रहे ग्राहक का इंतजार, कर्मचारी मोबाइल चलाने में व्यस्त

बाजार पर पसरे सन्नाटे ने दिलाई नोटबंदी की याद

नगर प्रतिनिधि, संतनगर : राजधानी का उपनगर जो प्रदेश भर में एक व्यापारिक मंडी के रूप में जाना जाता है उस मंडी में साल के सबसे बड़े त्यौहार दीपावली पर्व पर भी ग्राहकी का अभाव साफ दिखाई दे रहा है जिस दीपावली पर बाजार में एक माह पहले से ही ग्राहकी की चहल पहल शुरू हो जाती है वहां अभी तक त्यौहार जैसी हलचल भी नजर नहीं आ रही है पिछले साल के मुकाबले ग्राहकी बेहद कम होने से व्यापारियों के माथे पर चिंता की लकीरे साफ दिखाई दे रही है जिन व्यापारियों के पास पर्व के चलते बात करने का समय नहीं होता था वो नवंबर माह के पहले दिन आराम व ग्राहक का इंतजार क रते नजर आयें। बाजार में पसरे सन्नाटे ने दो साल पहले हुई नोटबंदी की घोषणा की याद ताजा कर दी। पर्व पर जहां ऑनलाइन खरीददारी, महंगाई, केश की कमी व सरकार की नीतियां है उसको दोष दिया जा रहा है सबसे पुराने कपड़ा व्यापारी व जानकार नानक चंदनानी ने कहा कि सभी प्रमुख बाजार मध्यम वर्ग से चलते है पर्व के दौरान हर जरूरत की चीज लेने का एक बहाना मिल जाता है पर दुकानदारों के यहां ग्राहकी का खासा असर पड़ा है ऐसे में कर्मचारियों का वेतन भी नहीं बढ़ पा रहा है साथ ही सरकार की जो नीतियां है उससे व्यापारी से लेकर हर वर्ग परेशान है पहले नोटबंदी फिर जीएसटी लागू हुआ इसके बाद बाहरी कंपनियां भी शुरू कर दी गई  है ऑनलाइन खरीददारी व महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है दीपावली माह के पहले सप्ताह में होने से एक उम्मीद की किरण थी कि बाजार में छाया मंदी का दौर समाप्त हो जाएगा पर अभी तक ऐसा नजर नहीं आ रहा है पर्व के चलते होलसेल बाजार में भी जो ग्राहकी होना चाहिए थी वो नजर नहीं आई है अब आने वाले दिनों में फुटकर बाजार में कि तनी ग्राहकी होती है इसी पर ही सबकी निगाहें टिकी हुई है।

हर मार्केट में ग्राहक का इंतजार

उपनगर में जहां थोक का कपड़ा व बर्तन बाजार है वहीं दूसरी तरफ बड़ी संत्नया में अलग अलग व्यवसाय के शोरूम व बड़ी बड़ी दुकानें है सभी प्रमुख बाजार व्यवसाय के शोरूम व बड़ी बड़ी दुकानें है सभी प्रमुख बाजार सजधज कर तैयार है बस अब ग्राहक का इंतजार किया जा रहा है प्रमुख रूप से सर्राफा बाजार, बर्तन, रेडिमेड, कपड़ा, फुटवेयर, साज सजावट, जनरल स्टोर, मिठाई सहित सैकड़ो की संत्नया में हर जगह के दुकानदार उपलब्ध है जहां पर ग्राहकों की रौनक बहुत कम नजर आ रही है दुकानदार जहां ग्राहक का इंतजार कर रहे है वहीं कर्मचारी मोबाइल चलाने में व्यस्त नजर आ रहे है जिनके पास इस समय खाना खाने व बात करने कर समय नहीं होता था वो भी मार्केट के हालातों पर चर्चा कर रहे है।

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करवाचौथ पर अपेक्षा से कम ग्राहकी

दीपावली पर्व से पूर्व करवाचौथ पर भी कपड़ा बाजार में जमकर ग्राहकी होती है जो इस बार नजर नहीं आई कई दुकानदारों का कहना है कि करवाचौथ पर दीपावली से ज्यादा ग्राहकी होती है इस दौरान महिलायें साड़ी व सूट सहित ज्वैलरी लेती है पर इस बार ग्राहकी अपेक्षा से बहुत कम हुई है लगभग 30 प्रतिशत ही ग्राहकी हो पाई। आज माह के पहले दिन पर यह हालात है तो दीपावली पर कै से अच्छी ग्राहकी की उम्मीद होगी।

छोटे दुकानदारों की बड़ी परेशानी

दीपावली पर्व पर छोटे छोटे दुकानदारों ने दीपावली पर्व पर अच्छी ग्राहकी होने की उम्मीद के चलते तैयारियां की है और नई नई वैरायटी की खरीददारी कर दुकानों में माल भर दिया है पर अभी तक ग्राहकी की आहट शुरू नहीं हो पाई है ऐसे में छोटे दुकानदारों की परेशानी बढ़ गई है। आगामी 7 नवंबर को दीपावली का पर्व है जिसमें मात्र 6 दिन बचे है ऐसे में 5 नवंबरको धनतरेस भी है अगर ग्राहकी अब शुरू नहीं होगी तो कब होगी अंतिम दो तीन दिन भी ग्राहकी होती है कितनी होगी इसको लेकर भी दुकानदार चिंतित है।

बड़ी-बड़ी इमारतों से कलर हुआ दूर

क्षेत्र में बड़ी बड़ी इमारतें तो बनी है पर कलर नजर नहीं आ रहा है आमतौर पर दीपावली के दौरान ही लोगों द्वारा घरों व दुकानों पर कलर करवाने की परंपरा है पर वो भी केवल खानापूर्ति ही रह गया है प्रमुख हाडवेयर कारोबारी ने बताया कि हर साल ग्राहकी पर असर पड़ रहा है इस बार भी 50 प्रतिशत ही ग्राहकी हो पाई है पर्व पर महंगाई का असर साफ दिखाई दे रहा है अलग अलग कलर लगाने वाले पेंटर इन दिनों मनमर्जी से पैसे लेते है जिसके चलते लोगआम दिनों से ही कलर लगवा रहे है।