मानव अधिकार आयोग ने मामले को लिया संज्ञान में

पुलिस आरक्षक भर्ती में ऊंचाई में छूट की मांग कर रहीं लड़कियों को भोपाल पुलिस द्वारा जेल भेजने एवं जेल में प्रेग्नेंसी टेस्ट किए जाने पर राज्य मानव अधिकार आयोग ने डीआईजी भोपाल को तलब किया है। इसके अलावा उपाध्यक्ष सफाई कामगार आयोग के उपाध्यक्ष का भी कहना है कि प्रदेश में अभी भी मैला ढोया जा रहा है। हालांकि संख्या के बारे में उपाध्यक्ष ने अनभिज्ञता जाहिर की है।

भोपाल :- पुलिस आरक्षक भर्ती में ऊंचाई में छूट की मांग कर रहीं लड़कियों को भोपाल पुलिस द्वारा जेल भेजने एवं जेल में प्रेग्नेंसी टेस्ट किए जाने पर राज्य मानव अधिकार आयोग ने डीआईजी भोपाल को तलब किया है। आयोग ने पूछा है कि लड़कियों को जेल क्यों भेजा गया है। इस मामले में डीआईजी जेल से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।

मैला ढोने की प्रथा पर सरकार को नोटिस

कानूनन प्रतिबंध के बावजूद मध्यप्रदेश में मैला ढोने की प्रथा बंद नहीं होने की खबर पर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने इस सिलसिले में मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन और नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव एवं आयुक्त से रिपोर्ट मांगी है। मध्यप्रदेश में मैला ढोने की प्रथा का खुलासा अंतर मंत्रालयीन टास्क फोर्स की सर्वे रिपोर्ट में हुआ है जिसके मुताबिक प्रदेश में 8016 श्रमिक इस काम में लगे हैं। इसके अलावा उपाध्यक्ष सफाई कामगार आयोग के उपाध्यक्ष का भी कहना है कि प्रदेश में अभी भी मैला ढोया जा रहा है। हालांकि संख्या के बारे में उपाध्यक्ष ने अनभिज्ञता जाहिर की है।

कलेक्टर, निगमायुक्त बताएं कितने पेड़ काटे

आयोग ने राजधानी के बीएचईएल क्षेत्र में हरे भरे पेड़ों को काटे जाने के मामले में संज्ञान लेकर कलेक्टर भोपाल एवं आयुक्त नगर निगम भोपाल से प्रतिवेदन तलब कर पूछा है कि क्या हरे भरे कितने पेड काटे गये। ट्रक में भरकर ले जाये गये पेड़ों को किसके सुपुर्द किया गया है, इनकी कुल मात्रा कितनी थी। सुपुर्द गाड़ी की रसीद कहां है।