भोपाल : सोलर प्लांट लगाने को लेकर भेल प्रबंधन असमंजस में है। जंबूरी मैदान पर सोलर प्लांट लगाने के लिए राज्य शासन से अनुमति नहीं मिलने के बाद भेल प्रबंधन निर्णय नहीं ले पा रहा है कि सोलर प्लांट कहां लगाएं। मार्च 2016 में जंबूरी मैदान पर 10 मेगावॉट का सोलर प्लांट लगाया जाना था, लेकिन राज्य शासन ने मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री स्तर की सभाएं होने का हवाला देकर प्लांट पर रोक लगा दी। अब भेल प्रबंधन नए सिरे से सोलर प्लांट लगाने के लिए दिल्ली स्थित भेल मुख्यालय को प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। प्रस्ताव में जंबूरी मैदान को छोड़कर भेल टाउनशिप में पिपलानी, बरखेड़ा और गोविंदपुरा में जमीन बताई गई है। लेकिन अभी भेल प्रबंधन यह तय नहीं कर पाया है कि सोलर प्लांट कहां लगाया जाएगा। अब नए सिरे से भेल कॉर्पोरेट ऑफिस से अधिकारी आएंगे और सोलर ह्रश्वलांट की जगह पर अंतिम फैसला लेंगे।

ऐसे असमंजस में भेल प्रबंधन

जंबूरी मैदान पर 10 मेगावॉट का सोलर प्लांट का प्रस्ताव बनाया गया था। 31 मार्च 2016 डेडलाइन रखी गई, लेकिन राज्य सरकार ने रोक लगा दी। इसके बाद भेल प्रबंधन ने बरखेड़ा ई सेक्टर में सोलर प्लांट के लिए जगह देखी। बाद में गोविंदपुरा व अन्य स्थानों पर भी जगह देखी। अब यदि 10 मेगावॉट के लिए 50 एकड़ जमीन नहीं मिली तो प्रबंधन सोलर प्लांट की क्षमता कम कर सकता है। अभी भेल प्रबंधन ने तय नहीं किया है कि यदि सोलर प्लांट की क्षमता कम होती है तो कितने मेगावॉट का सोलर प्लांट बनेगा। ऐसे में सोलर प्लांट लगाने को लेकर असमंजस बना हुआ है। युवा इंटक अध्यक्ष दीपक गुप्ता ने बताया कि भेल प्रबंधन को जंबूरी मैदान पर ही 10 मेगावॉट का सोलर प्लांट लगाना चाहिए। कहीं कम जगह देखकर इससे कम क्षमता का सोलर प्लांट नहीं लगने देंगे। भेल प्रबंधन दो साल से प्लांट को लेकर असमंजस की स्थिति में है। जंबूरी मैदान भेल की जमीन है तो सोलर प्लांट क्यों नहीं लगाया जा रहा?

नए सिरे से भेजा जाएगा प्रस्ताव

जंबूरी मैदान पर राज्य शासन की रोक के बाद सोलर प्लांट लगना मुश्किल है। अब नए सिरे से नई जगह पर सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। जगह के हिसाब से सोलर प्लांट की क्षमता कम हो सकती है, लेकिन अभी कुछ भी तय नहीं है।
राघवेंद्र शुक्ल, वरिष्ठ पीआरओ भेल