जॉब इंटरव्यू क्रैक करना कोई आसान काम नहीं होता, चाहे वो इंटरव्‍यू का फर्स्‍ट फेज हो या फाइनल फेज. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि फाइनल इंटरव्‍यू के लिए सेलेक्‍ट होने के बाद ही लोगों को लगता है कि उनका सेलेक्‍शन पक्‍का हो गया. लेकिन फाइनल इंटरव्यू के लिए चुने जाने का ये मतलब नहीं है कि आपका सेलेक्शन पक्का हो गया है. हमेशा फाइनल इंटरव्यू को भी उतनी ही गंभीरता से लेना सीखें, जितना की इंटरव्यू के अन्य लेवल को लेते हैं. जानिए ऐसी तीन बातों के बारे में, जोकि आपको फाइनल इंटरव्यू के दौरान या उससे पहले कभी नहीं करनी चाहिए…

ड्रेसिंग सेंस पर रखें ध्‍यान
जब भी आप किसी इंटरव्यू के लिए जाएं, तो अपने ड्रेसिंग सेंस का विशेष रूप से ध्यान रखें. लोग अक्सर सोचते हैं कि फाइनल इंटरव्यू के लिए बुलाने का मतलब नौकरी पक्का होना होता है, लेकिन फाइनल इंटरव्यू के दौरान भी नियोक्ता आपको परखने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं. इसलिए फाइनल इंटरव्यू के लिए कभी कैजुअल ड्रेस में न जाएं और इंटरव्यू का ड्रेस कोड हमेशा फॉलो करें.

नियोक्ता से न हों फ्रेंडली
हमेशा एक बात का ध्यान रखें कि जब भी आप इंटरव्यू देने जाए इस दौरान अनुशासन में रहें. कोई भी नियोक्ता आपका दोस्त नहीं होता है. अगर आप किसी नियोक्ता को पहले से जानते भी हैं, तब भी इंटरव्यू के दौरान उसके साथ ज्यादा फ्रेंडली होने की कोशिश न करें. फाइनल इंटरव्यू के लिए बुलाए जाने पर ज्यादातर उम्मीदवार कैजुअल बर्ताव करते हैं, लेकिन अगर आप चाहते हैं कि आपका सेलेक्शन हो और आपको फाइनल इंटरव्यू में रिजेक्ट न किया जाए, तो इसके लिए कभी भी नियोक्ता से इस दौरान ज्यादा फ्रेंडली न हों और डेकोरम बनाए रखें.

फाइनल राउंड के बाद ही दोस्‍तों से करें शेयर
उम्मीदवार फाइनल इंटरव्यू की बात सुनते ही पार्टी मोड में आ जाते हैं और बिना कोई समय गंवाए, अपने दोस्तों और करीबियों से अपने खुशी साझा करने लगते हैं. खुशी के पल दोस्तों के साथ साझा करना गलत बात नहीं है, लेकिन हमेशा कोशिश करनी चाहिए कि जब तक काम पूरा न हो जाए, बात अपने तक ही रखी जाए. नियोक्ता कई बार फाइनल इंटरव्यू में आपके सामने ऐसे सवाल रखते हैं, जिनका जवाब आपके पास नहीं होता है और अवसर आपकी चौखट तक आने के बाद भी वापस लौट जाता है. इसलिए जब तक सेलेक्शन फाइनल न हो जाए पार्टी करने के बारे में न ही सोचें.